सोमवार, 21 अक्टूबर 2013

प्रभु नारायण श्रीमन नारायण श्रीमन नारायण प्रभु नारायण प्रभु नारायण नारायण नारायण श्रीमन नारायण नारायण नारायण श्रीमन नारायण नारायण नारायण प्रभु नारायण नारायण नारायण प्रभु नारायण श्रीमन नारायण श्रीमन नारायण प्रभु नारायण प्रभु नारायण नारायण नारायण श्रीमन नारायण नारायण नारायण श्रीमन नारायण नारायण नारायण प्रभु नारायण नारायण नारायण प्रभु नारायण श्रीमन नारायण प्रभु नारायण श्रीमन नारायण श्रीमन नारायण प्रभु नारायण प्रभु नारायण श्रीमन नारायण प्रभु नारायण नारायण नारायण श्रीमन नारायण नारायण नारायण श्रीमन नारायण नारायण नारायण प्रभु नारायण नारायण नारायण प्रभु नारायण श्रीमन नारायण श्रीमन नारायण प्रभु नारायण प्रभु नारायण 
परम्ब्रम्ह पूर्णतया लोकातीत स्वत: अस्तित्व  है । उसे प्रकृति निर्मित इंद्रियों से जाना नहीं जा सकता है । तर्को से उसका अस्तित्व समझा नहीं जा सकता । उसे अनुभव करने का मात्र एक उपाय है - उसकी कृपा । उसकी कृपा पाने के लिये पथ है उसका भजन । 
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